मध्य प्रदेश के विदिशा में बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम के पिलरों से छलांग लगाकर स्कूल जाते बच्चों का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। अधिकारियों ने उस खतरनाक रास्ते को बंद करा दिया है और छात्रों को मुख्य सड़क से जाने के लिए साइकिलें देने तथा पास के स्कूल को हाईस्कूल में अपग्रेड करने का फैसला किया है।
- विदिशा में ककरुआ गांव के छात्र बेतवा नदी के स्टॉप डैम से छलांग लगाकर पालोह स्कूल जाने को मजबूर थे।
- 8-10 किमी लंबे रास्ते से बचने के लिए बच्चे पिछले 4-5 सालों से यह खतरनाक शॉर्टकट ले रहे थे।
- वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने खतरनाक रास्ते को झाड़ियों से बंद कराया।
- प्रभावित छात्रों को साइकिलें देने और नदी पर अस्थायी पुल तथा स्कूल अपग्रेड करने का प्रस्ताव दिया गया है।
विदिशा में बेतवा नदी के स्टॉप डैम पर जानलेवा सफर
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम के कंक्रीट पिलरों पर छलांग लगाकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। विदिशा के करुआ (ककरुआ) गांव के बच्चे नदी के दूसरी ओर पालोह (बंधेरा) स्थित हाईस्कूल में पढ़ाई करने जाते हैं। सड़क मार्ग से जाने पर उन्हें लगभग 8 से 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे बचने के लिए छात्र पिछले 4-5 वर्षों से इस खतरनाक शॉर्टकट का सहारा ले रहे हैं। देश भर से जुड़ी ताजा राष्ट्रीय खबरों और ग्राउंड रिपोर्ट के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।
वायरल वीडियो के बाद जागा प्रशासन और उठाए गए कदम
बच्चों द्वारा उफनते पानी के बीच पिलरों पर कूदते हुए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है। विदिशा के एसडीएम क्षितिज शर्मा और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एन. के. अहिरवार ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके का निरीक्षण किया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने स्टॉप डैम वाले खतरनाक रास्ते को कंटीली झाड़ियों से बंद करवा दिया है ताकि कोई भी बच्चा इसका उपयोग न कर सके।
प्रशासन का आश्वासन: साइकिल वितरण और नया स्कूल प्रस्ताव
प्रशासन की ओर से प्रभावित छात्रों को सुरक्षित मुख्य मार्ग से आने-जाने के लिए साइकिलें उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, बेतवा नदी पर एक अस्थायी पुल निर्माण का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक/माध्यमिक स्कूल को हाईस्कूल में अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है ताकि बच्चों को नदी पार करके दूर न जाना पड़े ।
विपक्ष का हमला और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर सवाल
उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों और आम नागरिकों ने राज्य सरकार व शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बुनियादी ढांचे की कमी के कारण मासूम बच्चों की जान हर दिन खतरे में पड़ती है, जिस पर प्रशासन को वीडियो वायरल होने से पहले ही कदम उठाना चाहिए था ।
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