मुंबई: भारतीय कॉर्पोरेट जगत से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। दिग्गज औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के नेतृत्व में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) ने अपने पद से हटने (Step-down) की घोषणा कर दी है। हालांकि, वे फरवरी २०२७ तक अपनी वर्तमान कार्यकारी जिम्मेदारियों को संभालते रहेंगे, ताकि समूह में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। देश और बिजनेस जगत की ताजा खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।

सुचारू नेतृत्व परिवर्तन के लिए फरवरी २०२७ तक रहेंगे पद पर

एन. चंद्रशेखरन के इस फैसले के बाद टाटा संस बोर्ड ने नए चेयरमैन की तलाश और उत्तराधिकार योजना (Succession Planning) पर काम शुरू कर दिया है। चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया है कि वे फरवरी २०२७ तक चेयरमैन और कार्यकारी क्षमता में कार्य करते रहेंगे। इस अवधि का उद्देश्य टाटा ग्रुप के विभिन्न व्यवसायों और आगामी रणनीतिक योजनाओं में निरंतरता बनाए रखना है।

चंद्रशेखरन का शानदार कार्यकाल और टाटा ग्रुप का विस्तार

नटराजन चंद्रशेखरन को पहली बार २०१७ में टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। इसके बाद २०२२ में उन्हें ५ साल का दूसरा कार्यकाल मिला था। उनके कार्यकाल में टाटा ग्रुप ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं:

  • एयर इंडिया का अधिग्रहण: कर्ज में डूबी राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया की टाटा समूह में सफल वापसी।
  • डिजिटल और टेक विस्तार: टाटा डिजिटल, सुपर ऐप 'टाटा न्यू' (Tata Neu) की शुरुआत और सेमीकंडक्टर निर्माण में बड़ा कदम।
  • टाटा मोटर्स व टीसीएस का पुनर्गठन: टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट का विस्तार और टीसीएस (TCS) की वैश्विक मजबूती।

कॉर्पोरेट जगत की नजरें नए उत्तराधिकारी पर

टाटा संस के इस ऐतिहासिक नेतृत्व बदलाव की खबर के बाद पूरे शेयर बाजार और कॉर्पोरेट जगत की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि टाटा समूह का अगला चेयरमैन कौन होगा। टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस का बोर्ड जल्द ही नए नेतृत्व के चयन के लिए एक विशेष समिति का गठन कर सकता है।