'इस्तीफे पर कोई चर्चा नहीं' - सरकारी सूत्र

नीट पेपरफुटी मामले को लेकर बढ़ते दबाव के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा फिलहाल होता नहीं दिख रहा। सरकारी सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि पार्टी के भीतर इस समय उनके इस्तीफे पर कोई चर्चा नहीं है और पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। आजतक की संवाददाता ऐश्वर्या पालीवाल के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक दबाव के बावजूद पार्टी को भरोसा है कि प्रधान को उसका पूरा समर्थन प्राप्त है।

'जिम्मेदारी से भागना होगा इस्तीफा' - सूत्र

सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा देना जिम्मेदारी से भागने जैसा माना जाएगा। सरकार के भीतर यह राय है कि जवाबदेही का मतलब स्थिति का सामना करना है, न कि पद छोड़कर पीछे हटना। सूत्रों ने कहा, "इस्तीफा देना और जिम्मेदारी से भाग जाना सबसे आसान काम होगा। जनता ने हमें जनादेश दिया है, और हम उस पर खरा उतरेंगे।" सरकार का कहना है कि प्रधान का इस्तीफा और जिम्मेदारी से पीछे हटना सबसे आसान विकल्प होगा, लेकिन सरकार इसके बजाय एनटीए में "सुधारात्मक कार्रवाई" करना चाहती है।

NTA में सुधार और 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

सरकार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़ी सभी समस्याओं की सूची तैयार कर रही है और इन्हें जल्द सुलझाने पर काम कर रही है। इस बीच 47 एनटीए अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जिनमें से कुछ पर आगे कानूनी व आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है। इससे पहले एनटीए के पूर्व महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को भी हटाया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में और अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। परीक्षा से जुड़े काम के आउटसोर्सिंग तरीके में भी बदलाव किए जाने की योजना है, ताकि जवाबदेही बढ़े और परीक्षाओं से छेड़छाड़ की आशंका कम हो।

सरकार का दावा- पेपर लीक गिरोहों पर कार्रवाई जारी

सूत्रों ने दोहराया कि केंद्र सरकार ने पेपरफुटी में शामिल कई गिरोहों का पर्दाफाश किया है और जल्द और कार्रवाई होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा, बल्कि प्रणालीगत सुधार पर काम हो रहा है।

CJP की मांग अब भी कायम

दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को दोहराया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उनकी मांग "गैर-परक्राम्य" (non-negotiable) है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई करीब दो घंटे की बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने संगठन की दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताई है - नीट परीक्षा से जुड़ी आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना। रांका ने कहा, "सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उन्हें हटाएगी।"

फर्जी इस्तीफा पत्र भी हुआ वायरल

इस बीच बढ़ते दबाव के बीच सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान का एक फर्जी इस्तीफा पत्र भी वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। यह पत्र फर्जी पाया गया, हालांकि इससे मौजूदा राजनीतिक माहौल में मामले को लेकर बनी अनिश्चितता और अटकलों का अंदाजा लगता है।

सुप्रीम कोर्ट भी सुधारों पर रखेगा नजर

इस बीच CJP प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी नीट पेपरफुटी से जुड़े सुधारों की निगरानी करने पर सहमति जताई है। अदालत ने टिप्पणी की कि परीक्षा प्रणाली में वर्षों से "तदर्थवाद" (ad-hocism) की समस्या बनी हुई है, जिसे दूर किए जाने की जरूरत है।