देहरादून-पांवटा साहिब मार्ग पर टोंस नदी पुल की एप्रोच रोड धंसी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते एक नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड धंस गई। प्रेमनगर और नंदा की चौकी के बीच टोंस नदी पर बने इस पुल का उद्घाटन 12 जुलाई 2026 को ही किया गया था। उद्घाटन के महज 16 दिनों के भीतर सड़क पर कुएं जैसा बड़ा गड्ढा बनने के बाद यातायात रोक दिया गया है और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रशासन और पीडब्ल्यूडी का स्पष्टीकरण

मामले की जानकारी देते हुए देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि लगातार बारिश की वजह से एप्रोच रोड के नीचे से मिट्टी बह जाने के कारण यह गड्ढा बना है। प्रशासन ने साफ किया है कि मुख्य पुल का ढांचा (स्ट्रक्चर) पूरी तरह सुरक्षित है और केवल एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हुई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में होने के कारण मरम्मत का पूरा खर्च ठेकेदार कंपनी 'हिमालयन कंस्ट्रक्शन' द्वारा उठाया जाएगा।

विपक्ष के भ्रष्टाचार के आरोप और विरोध प्रदर्शन

घटना सामने आने के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए मौके पर धरना दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 16 करोड़ रुपये का बजट 16 दिनों में ही पानी में बह गया, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

यातायात और संपर्क मार्ग पर असर

यह पुल देहरादून को विकासनगर और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाला बेहद अहम संपर्क मार्ग है। पिछले साल सितंबर में पुराना पुल बह जाने के बाद इसका निर्माण एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी द्वारा कराया गया था। फिलहाल प्रशासन ने आपातकालीन टीमें तैनात कर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है ताकि यातायात को जल्द बहाल किया जा सके।