नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली स्थित ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदे से जुड़े आरोपों पर सरकार से जवाबदेही तय होना 'नॉन-नेगोशिएबल' (गैर-समझौतावादी) मुद्दा है। देश और राष्ट्रीय राजनीति की बड़ी खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

1. छात्रों पर लाठीचार्ज और पेलेट गन का आरोप: 'गृह मंत्री जवाब दें'

प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी और खड़गे ने दिल्ली में पेपर लीक और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और पेलेट गन के कथित इस्तेमाल पर कड़ा ऐतराज जताया। राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राहुल गांधी के अनुसार, "यदि गृह मंत्री के आदेश पर छात्रों पर बल प्रयोग हुआ है तो वे सीधे तौर पर दोषी हैं, और यदि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी ही नहीं थी तो यह उनकी प्रशासनिक नाकामी को दर्शाता है। दोनों ही स्थितियों में सरकार को जवाब देना होगा।"

2. राम मंदिर ट्रस्ट में चंदा चोरी के आरोप और पीएम की चुप्पी

कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन में गबन और चंदे की चोरी के आरोपों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। खड़गे और राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा आस्था से दिए गए दान के रखरखाव में अनिमितताएं सामने आई हैं। विपक्ष ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ें और ट्रस्ट के सभी खातों और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करें ताकि देश की जनता के सामने सच्चाई आ सके।

3. 'प्रधानमंत्री मांगें माफी'; संसद में विशेष चर्चा की मांग

विपक्षी दल ने मांग रखी कि प्रधानमंत्री को देश के युवाओं और पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। नेताओं ने साफ किया कि संसद में सरकार के साथ किसी सामान्य एजेंडे पर चर्चा करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। विपक्ष की एकमात्र शर्त यह है कि सरकार गृह मंत्री की मौजूदगी में छात्रों पर हुई कार्रवाई और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सदन में सीधा स्पष्टीकरण दे। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पिछले १५ दिनों से सरकार संसद में इन बुनियादी सवालों से भाग रही है।