भारत भर में मानसून हुआ सक्रिय: गर्मी और उमस से बड़ी राहत

नई दिल्ली: देश में अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल एक बार फिर से तेज हो गई है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य और तटीय क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनता को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत पहुंचाई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की ट्रफ लाइन (Trough Line) अपनी सामान्य स्थिति के आसपास सक्रिय बनी हुई है, जिससे अगले ४ से ५ दिनों तक देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। देश और दुनिया की ताजा मौसम समाचार और राष्ट्रीय खबरों के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।

क्षेत्रवार मौसम का वर्तमान हाल और पूर्वानुमान

  • उत्तर भारत: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादलों का डेरा जमा हुआ है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान की चेतावनी जारी की गई है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में लगातार मानसूनी बारिश दर्ज की जा रही है। बिहार और झारखंड में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम जबकि ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट है।
  • मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मानसून ने गति पकड़ ली है। राजस्थान के पश्चिमी जिलों जैसे बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और जैसलमेर में ७ और ८ अगस्त को अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है।
  • तटीय और दक्षिण भारत: महाराष्ट्र (कोंकण और मध्य महाराष्ट्र), तटीय कर्नाटक और केरल में तेज मानसूनी हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

७ और ८ अगस्त के लिए मौसम अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, ७ और ८ अगस्त २०२६ को राजस्थान के शुष्क इलाकों समेत पश्चिमी भारत में बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। खेती-किसानी के दृष्टिकोण से अगस्त का यह पहला सप्ताह काफी राहत भरा साबित हो रहा है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई को नया जीवन मिला है।

अलनीनो का खतरा और सकारात्मक आईओडी (Positive IOD) का सहारा

मौसम विशेषज्ञों और जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि यद्यपि प्रशांत महासागर में 'अलनीनो' (El Niño) की स्थिति बनी हुई है, जो मानसून की बारिश को प्रभावित कर सकती है, लेकिन हिंद महासागर में 'पॉजिटिव इंडियन ओशन डपोल' (Positive IOD) का बनना भारतीय मानसून के लिए वरदान साबित हो रहा है। पॉजिटिव आईओडी अलनीनो के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक बेअसर कर देता है, जिससे देश में बारिश का संतुलन बना हुआ है।