जंतर-मंतर पर स्वतंत्र पत्रकारों की बेबाक रिपोर्टिंग

जून-जुलाई 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले आंदोलन की कवरेज में स्वतंत्र यूट्यूब पत्रकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पारंपरिक मीडिया के अलावा इन डिजिटल आवाजों ने बिना फिल्टर के, घटनास्थल से सीधी रिपोर्टिंग की।

अजीत अंजुम की ग्राउंड रिपोर्ट्स

स्वतंत्र डिजिटल पत्रकार अजीत अंजुम पूरे आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद रहे। उनकी रिपोर्ट्स ने भीड़ के आकार, पुलिस-प्रदर्शनकारी झड़पों और तनावपूर्ण माहौल को बेबाकी से कैद किया। कई प्रदर्शनकारियों ने उनकी घटनास्थल के बीचोंबीच से रिपोर्टिंग करने की सराहना की।

न्यूज पिंच की टीम

न्यूज पिंच के संवाददाता अभिनव पांडे और सौरभ त्रिपाठी ने आंदोलन के शुरुआती दिनों से लगातार ग्राउंड कवरेज दी। उन्होंने प्रदर्शन के तेज होने के साथ शाम के समय हुई झड़पों की फुटेज भी उपलब्ध कराई।

अन्य स्वतंत्र यूट्यूब पत्रकार

इस आंदोलन की कवरेज में कई अन्य स्वतंत्र क्रिएटर्स ने भी हिस्सा लिया। इनमें शामिल हैं:

  • समदिश भाटिया (Unfiltered by Samdish)
  • श्याम मीरा सिंह
  • कुमकुम बिनवाल
  • रवीश कुमार
  • अभिसार शर्मा
  • प्रवीण गौतम (Public Meter)
  • सार्थक गोस्वामी
  • आर्यन मिश्रा
  • काव्या कर्नाटक (KK Creates)
  • सोनल पटेरिया
  • अनुजा ढाकरस (Mumbai Tak)

इन पत्रकारों ने पुलिस, राजनीतिक दबाव या किसी भी संस्था के डर के बिना अपनी रिपोर्टिंग जारी रखी। उनकी कवरेज को कई युवा प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक टीवी चैनलों से ज्यादा विश्वसनीय माना।

स्वतंत्र कवरेज का महत्व

इस आंदोलन ने दिखाया कि स्वतंत्र डिजिटल पत्रकारिता आज की पीढ़ी के लिए कितनी महत्वपूर्ण हो गई है। जेन-जी प्रदर्शनकारियों ने इन आवाजों को प्राथमिकता दी क्योंकि वे बिना किसी सेंसरशिप के घटनास्थल की सच्चाई सामने ला रहे थे।

आंदोलन का अंत

आंदोलन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकारी आश्वासनों के बाद समाप्त हुआ। लेकिन जंतर-मंतर से रिपोर्टिंग करने वाले इन स्वतंत्र पत्रकारों की कवरेज लंबे समय तक याद रहेगी।