रामबन में अमरनाथ यात्रा बस में लगी आग

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा पर जा रही श्रद्धालुओं की एक बस में अचानक आग लग गई। यह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर करोल क्षेत्र के पास हुई। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी श्रद्धालुओं को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है.

प्रारंभिक जांच में टायर फटने की आशंका

प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बस के पिछले टायर के फटने के बाद आग लगने की संभावना जताई जा रही है। आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही कारण की आधिकारिक पुष्टि होगी.

राजस्थान के सलूंबर जिले के थे श्रद्धालु

बस में सवार सभी यात्री राजस्थान के सलूंबर जिले के धाकड़दा गांव के रहने वाले बताए गए हैं। हादसे के दौरान सभी यात्रियों ने सुरक्षित बाहर निकलने में सफलता पाई, लेकिन उनका सामान, नकदी, कपड़े और महत्वपूर्ण दस्तावेज आग में जल गए.

प्रशासन ने तुरंत शुरू किया राहत अभियान

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव अभियान का नेतृत्व डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इलियास खान और एसएसपी अरुण गुप्ता ने किया। प्रशासन ने यात्रियों के लिए तत्काल भोजन, आवश्यक सहायता और वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की.

एलजी मनोज सिन्हा ने दिए तत्काल सहायता के निर्देश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सभी श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनकी आगे की यात्रा तथा घर वापसी में किसी प्रकार की परेशानी न हो.

जम्मू और राजस्थान लौटने की व्यवस्था

प्रशासन ने सभी यात्रियों के लिए वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराए हैं, ताकि उन्हें पहले जम्मू पहुंचाया जा सके। इसके बाद उनकी सुरक्षित घर वापसी के लिए आवश्यक यात्रा व्यवस्था भी की जा रही है.

जांच रिपोर्ट का इंतजार

हालांकि शुरुआती जांच में टायर फटने के बाद आग लगने की संभावना सामने आई है, लेकिन अधिकारी अभी तकनीकी जांच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी.