भारतीय उपमहाद्वीप में एक तरफ मौसम का उग्र रूप देखने को मिल रहा है, तो दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत से वर्षा ऋतु की वापसी शुरू हो चुकी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 सितंबर 2026 को ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब (Deep Depression) तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह मौसमी तंत्र 23 सितंबर की रात तक विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के पास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट को पार करेगा। इसके प्रभाव से ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और विदर्भ में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके उलट, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से दक्षिण-पश्चिम मानसून आधिकारिक तौर पर विदा हो चुका है, जो 2002 के बाद से राजधानी से अब तक की सबसे शुरुआती विदाई है।
डीप डिप्रेशन की स्थिति और लैंडफॉल का समय
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 22 सितंबर को कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर डिप्रेशन में बदला था, जो 23 सितंबर की सुबह 08:30 बजे और गहन होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो गया। उस समय इसका केंद्र कलिंगपट्टनम से करीब 60 किमी दक्षिण-पूर्व, विशाखापट्टनम से 140 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व और गोपालपुर से 150 किमी दक्षिण में केंद्रित था।
उत्तरी ओडिशा और आंध्र तट पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है, जहां 25 से 30 समुद्री मील (Knots) की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं और झोंकों की गति 35 समुद्री मील तक पहुंच रही है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
"The Deep Depression over Westcentral & adjoining Northwest Bay of Bengal is very likely to cross North Andhra Pradesh - South Odisha coasts," आधिकारिक मौसम विज्ञानी बुलेटिन में स्पष्ट किया गया।
ओडिशा में स्कूल बंद, छत्तीसगढ़ और बिहार में भी हाई अलर्ट
डीप डिप्रेशन के तटीय लैंडफॉल को देखते हुए ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (OSDMA) ने संवेदनशील जिलों में राहत दलों को तैनात कर दिया है। एहतियात के तौर पर राज्य सरकार ने कई तटीय और दक्षिणी जिलों में 24 सितंबर तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।
मौसम विभाग के ट्रैकर के अनुसार, लैंडफॉल के बाद यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगी। इसके चलते 24 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का खतरा है। इसके बाद नम हवाओं का प्रवाह उत्तर की ओर मुड़ेगा, जिससे 24 और 25 सितंबर को बिहार तथा 25 से 27 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होगा।
दिल्ली से मानसून की सबसे शुरुआती विदाई: क्या कहते हैं आंकड़े?
मध्य और पूर्वी भारत में जहां बारिश का कहर टूट रहा है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की वापसी की रेखा तेजी से आगे बढ़ रही है। 23 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून औपचारिक रूप से दिल्ली से पूरी तरह विदा हो गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह 20 सितंबर 2002 के बाद से राजधानी से मानसून की सबसे शुरुआती विदाई है। सामान्य तौर पर दिल्ली से मानसून की विदाई 25 से 27 सितंबर के आसपास होती है। पश्चिमी शुष्क हवाओं के प्रभावी होने के कारण आने वाले दिनों में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!