अजनबियों की अनोखी एकजुटता

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून 2026 से जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन ने पिछले कुछ दिनों में एक नया और भावुक करने वाला मोड़ ले लिया है। NEET-UG 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के लिए देशभर से लोग Swiggy, Zomato और Blinkit जैसे ऐप्स के जरिए खाना और जरूरी सामान भेज रहे हैं। कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिनमें डिलीवरी पार्टनर भारी बारिश में भी प्रदर्शन स्थल तक खाना पहुंचाते नजर आए। एक वायरल वीडियो में मुंबई के अनुज रावत नाम के व्यक्ति ने ऑर्डर देकर कहा था कि जंतर-मंतर पर जो भी भूखा हो, उसे यह खाना दे दिया जाए। एक अन्य मामले में अनिल यादव नाम के व्यक्ति ने 25 वेज थालियों का ऑर्डर देकर प्रदर्शनकारी छात्रों तक पहुंचाने को कहा।

क्या-क्या भेजा जा रहा है प्रदर्शन स्थल पर

रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों तक पिज्जा, बर्गर, सैंडविच, बिरयानी और थालियों जैसे खाने के साथ-साथ स्नैक्स, पानी की बोतलें और कोल्ड ड्रिंक्स भी भेजी जा रही हैं। इसके अलावा लोग स्वच्छता और मेडिकल जरूरतों का भी ख्याल रख रहे हैं — सैनिटरी पैड्स, टॉयलेट पेपर, सैनिटाइजर, वेट वाइप्स और जरूरी दवाइयों जैसी चीजें भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचाई जा रही हैं। बारिश और गर्मी से बचाव के लिए तिरपाल, बेडशीट, कंबल, तकिए और पंखे जैसी चीजें भी भेजी गई हैं, ताकि दिन-रात प्रदर्शन स्थल पर डटे लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

आयोजकों की अपील: अब और सामान न भेजें

प्रदर्शन के 31वें दिन के आसपास से यह जनसमर्थन इतना बढ़ गया कि रात करीब 10 बजे तक जरूरत से कहीं ज्यादा खाना जमा हो गया। इसके बाद CJP ने खुद अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर लोगों से अपील की, 'भारत कितना खूबसूरत देश है, यहां के लोग कितने भले हैं - प्रदर्शनकारियों के लिए खाना भेजने के लिए शुक्रिया। हम अभिभूत हैं। लेकिन आज के लिए हमें जरूरत से ज्यादा खाना मिल चुका है - कृपया अब और न भेजें!' आयोजकों की इस अपील को सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिली और कई लोगों ने इसे भारतीयों की उदारता की मिसाल बताया।

सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, एक सामुदायिक केंद्र

पिछले कुछ हफ्तों की ग्राउंड रिपोर्टों से यह भी सामने आया है कि जंतर-मंतर का यह प्रदर्शन स्थल अब केवल नारेबाजी और मांगों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह एक तरह का सामुदायिक केंद्र बन गया है। यहां सैकड़ों गुमनाम स्वयंसेवक बिना किसी पहचान या प्रशंसा की चाह के लगातार काम कर रहे हैं और आने वाले हर व्यक्ति की जरूरत का ध्यान रखा जा रहा है, चाहे वह रात बिताने के लिए बिस्तर की व्यवस्था हो या फिर बुनियादी सुविधाएं।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत डिपके ने की थी, जो पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। यह आंदोलन तत्कालीन भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' और 'समाज के परजीवी' से की थी। बीते डेढ़ महीने में यह आंदोलन छात्रों, अभिनेताओं और विपक्षी नेताओं के समर्थन के साथ धीरे-धीरे एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन भी अब जुड़ चुका है।