दिल्ली में आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान राजधानी में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। CJP ने आरोप लगाया कि संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

जेपी नड्डा से हुई प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

प्रदर्शन के बीच CJP के प्रतिनिधि सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। बैठक के दौरान सरकार की ओर से आंदोलन समाप्त करने की अपील की गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?

  • NEET-UG पेपर लीक मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
  • पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
  • सोनम वांगचूक को अस्पताल से रिहा कर वीडियो संदेश जारी कराने की मांग।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। केंद्रीय गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक भी की।

CJP का पक्ष

CJP का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण था और प्रदर्शनकारियों को संसद तक पहुंचने से रोका गया। संगठन ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

दिल्ली पुलिस का बयान

दिल्ली पुलिस ने CJP के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि स्थिति को नियंत्रित रखने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मानक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार किसी भी प्रकार की कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई।

आगे क्या?

सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी रहने की संभावना है। CJP ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।