रांची/गिरिडीह: झारखंड की राजनीति और हेमंत सोरेन कैबिनेट के लिए रविवार सुबह एक बेहद स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता, गिरिडीह सदर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक और राज्य के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का 54 वर्ष की आयु में दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने से निधन हो गया। देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। आधिकारिक सूचनाओं, सरकारी शोक घोषणाओं और राज्य प्रशासनिक कार्यवाहियों के लिए झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी देखी जा सकती है।
देर रात बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में ली अंतिम सांस
पारिवारिक सूत्रों और अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह स्थित अपने आवास पर विश्राम कर रहे थे, तभी देर रात करीब 2 बजे उन्होंने सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत की। परिजन उन्हें तुरंत शहर के निजी मर्सी अस्पताल लेकर पहुंचे। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच में पाया कि उन्हें गंभीर साइलेंट हार्ट अटैक आया था। डॉक्टरों द्वारा तत्काल सीपीआर और आपातकालीन वेंटिलेशन प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन तड़के करीब 4 बजे उनका निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही अस्पताल परिसर और उनके आवास पर हजारों समर्थकों, झामुमो कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया गहरा शोक: 'बड़ा भाई खो दिया'
सुदिव्य कुमार सोनू को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सबसे करीबी और संकटमोचक रणनीतिकारों में गिना जाता था। उनके निधन पर अत्यंत भावुक होते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित की:
"देर रात मेरे बड़े भाई, हमारे प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू जी के निधन की हृदयविदारक खबर मिली। इस सत्य को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया का जाना मेरे व्यक्तिगत जीवन में एक ऐसा शून्य छोड़ गया है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। झारखंड आंदोलन और झारखंडियत की लड़ाई में उनका योगदान सदैव अमर रहेगा।"— हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
महत्वपूर्ण विभागों की संभाल रहे थे कमान
हेमंत सोरेन कैबिनेट में सुदिव्य कुमार सोनू के पास कई बड़े और प्रभावशाली मंत्रालयों का प्रभार था:
- नगर विकास एवं आवास विभाग: राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और सीवरेज विकास का नेतृत्व।
- उच्च एवं तकनीकी शिक्षा: राज्य के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के शैक्षणिक विस्तार की जिम्मेदारी। हाल ही में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा विसंगतियों को लेकर आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता करने वाली उच्चस्तरीय कैबिनेट कमेटी के वे प्रमुख सदस्य थे।
- पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य: पारसनाथ सम्मेद शिखरजी पर्यटन कॉरिडोर, खेल नीति और राज्य के ऐतिहासिक स्मारकों के संवर्धन का कार्य।
गिरिडीह से दो बार रहे विधायक और संगठन के मजबूत स्तंभ
सुदिव्य कुमार सोनू ने छात्र राजनीति और अलग झारखंड राज्य आंदोलन के दौर से दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने गिरिडीह सीट से भाजपा प्रत्याशी निर्भय शाहाबादी को हराकर पहली बार जीत हासिल की थी, और 2024 के आम चुनाव में दोबारा जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे थे। वे पिछले दो दशकों में गिरिडीह विधानसभा से राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने वाले झामुमो के पहले विधायक थे। 2024 के गांडेय विधानसभा उपचुनाव में कल्पना सोरेन के चुनावी कैंपेन की कोर टीम का नेतृत्व भी उन्होंने कुशलता से संभाला था। उनके असामयिक निधन से राज्य के राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में शोक का माहौल है।
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